बिहार, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व के साथ, बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा दोनों के लिए एक आकर्षक फिल्मांकन स्थल के रूप में उभरा है। राज्य के विविध परिदृश्य, प्राचीन स्मारकों से लेकर शांत नदियों और हरे-भरे खेतों तक, फिल्म निर्माताओं को अपनी कहानियों के लिए एक अनूठा और प्रामाणिक पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं। इस लेख में, हम बिहार के कुछ सबसे प्रतिष्ठित फिल्म शूटिंग स्थानों का पता लगाते हैं, स्थानीय पर्यटन पर इन शूट के प्रभाव पर प्रकाश डालते हैं, और फिल्म उत्साही लोगों के लिए इन स्थानों की यात्रा करने के लिए एक गाइड प्रदान करते हैं।
बिहार के प्रतिष्ठित फिल्म शूटिंग स्थल
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राजगीर: पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा राजगीर, एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और कई फिल्मों के लिए एक फिल्मांकन स्थान है। विकिपीडिया
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नालंदा: प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय का घर, यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक फिल्मों के लिए एक आकर्षक पृष्ठभूमि प्रदान करता है। यूनेस्को
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बोधगया: बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक बोधगया, अपनी शांत आभा और महाबोधि मंदिर के साथ, आध्यात्मिक फिल्मों के लिए एक आदर्श स्थान है। विकिपीडिया
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पटना: बिहार की राजधानी पटना, अपने ऐतिहासिक स्मारकों, व्यस्त बाजारों और गंगा नदी के किनारों के साथ, विभिन्न प्रकार की फिल्मों के लिए एक विविध फिल्मांकन स्थान प्रदान करती है। विकिपीडिया
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वैशाली: दुनिया के पहले गणराज्य के रूप में जाना जाने वाला वैशाली, अपनी प्राचीन विरासत और शांत वातावरण के साथ, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक फिल्मों के लिए एक उपयुक्त स्थान है। विकिपीडिया
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सासाराम: शेरशाह सूरी के मकबरे के लिए प्रसिद्ध सासाराम, अपनी प्रभावशाली वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के साथ, ऐतिहासिक फिल्मों के लिए एक आकर्षक पृष्ठभूमि प्रदान करता है। विकिपीडिया
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मुंगेर: अपने किले, प्राचीन खंडहरों और गंगा नदी के मनोरम दृश्यों के साथ, मुंगेर फिल्म निर्माताओं को विभिन्न प्रकार के दृश्य प्रदान करता है। विकिपीडिया
बिहार में फिल्माई गई फिल्में
बिहार कई बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों के लिए फिल्मांकन का केंद्र रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- गांधी
- सुपर 30
- अपहरण
- गंगाजल
- मांझी: द माउंटेन मैन
- खाकी: द बिहार चैप्टर
- ओमकारा
- जॉनी मेरा नाम
- तीसरी कसम
स्थानीय पर्यटन पर फिल्म शूटिंग का प्रभाव
बिहार में फिल्म की शूटिंग से स्थानीय पर्यटन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। फिल्म निर्माताओं द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों का उपयोग करने से बिहार की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिला है, जिससे अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। फिल्म पर्यटन, जहां पर्यटक उन स्थानों पर जाते हैं जहां उनकी पसंदीदा फिल्में फिल्माई गई थीं, बिहार में लोकप्रियता प्राप्त कर रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है।
फिल्म उत्साही लोगों के लिए गाइड
यदि आप एक फिल्म उत्साही हैं और बिहार में फिल्म शूटिंग स्थानों की यात्रा करने में रुचि रखते हैं, तो यहां कुछ युक्तियां दी गई हैं:
- अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और अपने ठहरने और परिवहन की बुकिंग करें।
- घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है, जब मौसम सुहावना होता है।
- स्थानीय संस्कृति और रीति-रिवाजों का सम्मान करें।
- अपने साथ आवश्यक चीजें जैसे पानी, सनस्क्रीन और आरामदायक जूते ले जाएं।
- अपने कैमरे को लाना न भूलें!
निष्कर्ष
बिहार एक ऐसा राज्य है जो फिल्म निर्माताओं को अपनी विविध पृष्ठभूमि, समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के साथ बहुत कुछ प्रदान करता है। राज्य के प्रतिष्ठित फिल्म शूटिंग स्थानों ने न केवल बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा में योगदान दिया है, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा दिया है। फिल्म उत्साही लोगों के लिए, बिहार एक खजाना है जो खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहा है।

















