जद (यू) ने साधा निशाना: “जो खुद नौवीं पास, वो किस मुंह से शिक्षा पर दे रहे ज्ञान?”

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पटना 27 जून 2025

पटना, बिहार: बिहार में राजनीतिक बयानबाजी अक्सर तीखी होती है, और इस बार जनता दल (यूनाइटेड) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक नेता पर उनके शिक्षा के स्तर को लेकर कड़ा प्रहार किया है। जद (यू) ने राजद नेता के शिक्षा पर दिए गए बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा है, “जो खुद नौवीं पास, वो किस मुंह से शिक्षा पर दे रहे ज्ञान?”

यह बयान संभवतः बिहार की राजनीति में शिक्षा और योग्यता को लेकर चल रही बहस का एक हिस्सा है। अक्सर देखा जाता है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे की शैक्षणिक पृष्ठभूमि या सार्वजनिक बयानों पर टिप्पणी करते हैं।

हालांकि, जद (यू) ने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया है, लेकिन यह टिप्पणी राजद खेमे के किसी ऐसे व्यक्ति की ओर इशारा करती है, जिसने हाल ही में शिक्षा से संबंधित कोई बयान दिया हो। इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप बिहार की राजनीतिक फिजा में आम हैं, खासकर चुनाव से पहले या किसी बड़े मुद्दे पर बहस के दौरान।

जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम, प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता डाॅ0 अनुप्रिया एवं मीडिया पैनलिस्ट डाॅ0 मधुरेंदु पांडेय ने मीडिया में जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के छात्र युवा संसद में कलम बांटने को लेकर जमकर निशाना साधा और कहा कि तेजस्वी यादव, जो स्वयं केवल नौवीं कक्षा तक पढ़े हैं और औपचारिक शिक्षा भी पूरी नहीं कर सके, उनके द्वारा बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर ज्ञान बांटना और युवाओं के बीच कलम बांटना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह बिहार की जनता और युवाओं के साथ गंभीर मजाक है। खुद को शिक्षा एवं युवाओं का हितैषी बताने वाले तेजस्वी यादव ने छात्र युवा संसद को संबोधित करते हुए बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बडे़ भाषण दिए। यह विडंबना ही है कि एक ऐसा व्यक्ति, जिसने खुद नौंवीं कक्षा के बाद औपचारिक शिक्षा नहीं ली, आज शिक्षा सुधार की बातें कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू सरकार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। स्कूलों में लाखों शिक्षकों की भर्ती, बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, और लड़कियों की शिक्षा के लिए योजनाएं जैसे साइकिल, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजाओं ने बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय और अत्याधुनिक साइंस लैब का निर्माण कराया गया है जहां बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसके विपरीत, आरजेडी के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। आरजेडी शासनकाल में जहां शिक्षक विद्यालयों से अधिक सड़कों पर

आंदोलन करते नजर आते थे, वहीं नीतीश सरकार के कार्यकाल में शिक्षा को जनांदोलन का रूप मिला है इसलिए तेजस्वी यादव को शिक्षा पर प्रवचन देने से पहले अपनी योग्यता और आरजेडी के अतीत का आत्ममंथन करना चाहिए। बिहार की जनता शिक्षित और जागरूक है, और वो तेजस्वी यादव के खोखले दावों पर कभी भी भरोसा नहीं करेगी।
तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पहले वो अपनी शिक्षा पूरी करें, फिर दूसरों को शिक्षा सुधार का पाठ पढ़ाएं। बिहार को भाषण नहीं, ठोस नीतियों और ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है।

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