नवीनतम जानकारी के अनुसार, इज़राइल और ईरान के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद, मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है।
मुख्य अपडेट:
- ईरानी मिसाइल हमले: इज़राइल ने आरोप लगाया है कि ईरान ने संघर्षविराम लागू होने के घंटों बाद भी उसके क्षेत्र में मिसाइलें दागीं। इज़राइली सेना (IDF) ने इन हमलों की पुष्टि की है और बताया कि ये मिसाइलें इंटरसेप्ट कर ली गईं।
- इज़राइल की कड़ी प्रतिक्रिया: इन कथित उल्लंघनों के जवाब में, इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने IDF को “तेहरान के केंद्र में शासन के ठिकानों और आतंकी बुनियादी ढांचे पर तीव्र हमलों” के साथ ईरान के संघर्षविराम उल्लंघन का “जबरदस्त जवाब” देने का निर्देश दिया है।
- ईरान का खंडन और जवाबी आरोप: ईरानी राज्य मीडिया ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उसने संघर्षविराम के बाद इज़राइल पर मिसाइलें दागीं। इसके बजाय, ईरान ने इज़राइल पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने और अपने क्षेत्र में तीन हमले करने का आरोप लगाया है, हालांकि उन्होंने इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है।
- ट्रंप की हताशा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने संघर्षविराम की घोषणा की थी, ने इज़राइल और ईरान दोनों के प्रति गहरी हताशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि दोनों पक्षों ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया है, लेकिन उन्होंने विशेष रूप से इज़राइल से “अपने पायलटों को घर वापस लाने” और आगे बमबारी न करने का आग्रह किया है।
- स्थिति की नाजुकता: स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ रहा है।
संक्षेप में, “संघर्षविराम के बाद भी गरजे ईरानी मिसाइल” वाक्यांश वर्तमान स्थिति को सटीक रूप से दर्शाता है, जहां ट्रंप द्वारा घोषित युद्धविराम के बावजूद शत्रुता जारी है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।
कृपया ध्यान दें कि आपने जिस खबर का ज़िक्र किया है, वह जून 2024 से संबंधित है, जब इज़राइल और ईरान के बीच एक विशिष्ट तनाव का दौर चल रहा था और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्षविराम की अपील कर रहे थे। वर्तमान में, जून 2025 में, ऐसी कोई तात्कालिक और व्यापक खबर नहीं है कि इज़राइल ने हाल ही में “तेहरान कांप उठेगा” जैसी धमकी दी हो।
उस समय (जून 2024) की खबरों के अनुसार, “इजराइल बोला-अब खैर नहीं…‘‘कांप उठेगा तेहरान” का संदर्भ निम्नलिखित था:
- संदर्भ: यह बयान इज़राइली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ (या उस समय के किसी वरिष्ठ अधिकारी) की ओर से आया था। यह तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल और ईरान के बीच “पूर्ण और कुल संघर्षविराम” की घोषणा की थी।
- उकसावे का आरोप: इज़राइल ने आरोप लगाया था कि संघर्षविराम लागू होने के घंटों बाद भी ईरान ने उसके क्षेत्र में मिसाइलें दागीं।
- इज़राइल की धमकी: इन कथित उल्लंघनों के जवाब में, इज़राइली रक्षा मंत्री ने इज़राइली रक्षा बल (IDF) को ईरान के संघर्षविराम उल्लंघन का “जबरदस्त जवाब” देने का निर्देश दिया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि इज़राइल “तेहरान के दिल में शासन के ठिकानों और आतंकी बुनियादी ढांचे” पर तीव्र हमले करेगा, जिसका मतलब था कि तेहरान को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा और वह “कांप उठेगा”।
- ईरान का खंडन: ईरान ने उस समय संघर्षविराम के बाद मिसाइल हमले करने के इज़राइली आरोपों से इनकार किया था।
संक्षेप में, “अब खैर नहीं…‘‘कांप उठेगा तेहरान” का यह बयान जून 2024 में इज़राइल द्वारा ईरान को दी गई एक सीधी और गंभीर चेतावनी थी, जिसमें कहा गया था कि यदि ईरान सैन्य उकसावे जारी रखता है तो इज़राइल तेहरान के भीतर महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर जवाबी हमला करेगा। यह उस समय की अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति को दर्शाता था जब दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद शत्रुता जारी थी।
वर्तमान स्थिति (जून 2025): इज़राइल और ईरान के बीच तनाव हमेशा बना रहता है, लेकिन “तेहरान कांप उठेगा” जैसी विशिष्ट और तात्कालिक धमकी वाली कोई बड़ी खबर अभी सामने नहीं आई है। संभवतः आप 2024 की खबर का जिक्र कर रहे हैं।

















