पटना, बिहार: बिहार में राजनीतिक बयानबाजी लगातार गरमा रही है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा पलटवार किया है। तेजस्वी यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि “जो 20 साल में नहीं हुआ, वह हम 20 महीने में कर देंगे,” अशोक चौधरी ने सवाल उठाया है कि “20 सालों में क्या नहीं हुआ, पहले ये बताएं तेजस्वी?”
अशोक चौधरी ने तेजस्वी यादव को उनके बयानों पर फोकस करने और यह बताने की चुनौती दी है कि पिछले 20 सालों में, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल की भी सरकार रही है, क्या काम नहीं हुआ है। उन्होंने तेजस्वी के उस आरोप का भी जवाब दिया जिसमें उनकी अपनी शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेसर बनने को लेकर सवाल उठाए गए थे। चौधरी ने कहा कि प्रोफेसर बनना उनकी “अपनी पूंजी” है और इसके लिए एक पूरा प्रोसेस होता है, जिसमें मास्टर्स और पीएचडी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके समय (90 के दशक) में पॉलिटिकल साइंस में बहाली ही नहीं निकली थी।
यह बयानबाजी तब और तेज हुई है जब तेजस्वी यादव ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने यह भी कहा था कि आरएसएस और बीजेपी के इशारे पर पिछले 20 सालों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने की साजिश रची जा रही है। तेजस्वी ने अशोक चौधरी के दामाद की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए थे, जिस पर चौधरी ने पहले भी जवाब दिया था।
कुल मिलाकर, यह बयानबाजी बिहार की राजनीति में एक नए दौर के आरोप-प्रत्यारोप को दर्शाती है, जहां विभिन्न नेता एक-दूसरे के कार्यकाल, योग्यता और परिवारवाद के मुद्दों पर खुलकर हमला कर रहे हैं।

















